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कानपुर देहात: मारपीट और गाली-गलौच के 17 साल पुराने मामले में आरोपी को सजा

यह सजा समाज में कानून और शान्ति व्यवस्था व अपराधों में अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कानपुर देहात: बीते साल 16.05.2009 को अभियुक्तगण द्वारा वादी के साथ गाली-गलौच कर हमलावर होने के सम्बन्ध में अभियोग पंजीकृत किया गया था । जिसमें अभियुक्त देवी प्रसाद पुत्र सीताराम निवासी खरका थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात को माननीय न्यायालय जेएम भोगनीपुर, जनपद कानपुर देहात द्वारा दोष सिद्ध करते हुए न्यायालय उठने तक की सजा एवं ₹ 700/- के अर्थदण्ड़ से दण्डित किया गया ।

घटना का विवरण
दिनांक 16.05.2009 को अभियुक्तगण 1.रामऔतार पुत्र रामगोपाल, 2.रामगोपाल पुत्र पलटू, 3.देवीप्रसाद पुत्र सीताराम निवासीगण खरका थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात द्वारा वादी के साथ गाली-गलौच कर हमलावर होने के सम्बन्ध में थाना राजपुर पर एनसीआर संख्या 26/2009 धारा 352/504 भादवि0 बनाम अभियुक्तगण उपरोक्त पंजीकृत किया गया था।

पुलिस की त्वरित कार्यवाही
विवेचक द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए वादी व गवाहान द्वारा वास्तविक तथ्यों के आधार पर व गवाही देने के आधार पर साक्ष्य संकलन कर विवेचना निस्तारित कर मुकदमें में नामित अभियुक्तगण 1.रामऔतार पुत्र रामगोपाल, 2.रामगोपाल पुत्र पलटू, 3.देवीप्रसाद पुत्र सीताराम उपरोक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दिनांक 14.11.2009 को माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया । माननीय न्यायालय में पेश किये गये साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त देवीप्रसाद उपरोक्त को दोषी ठहराया गया । शेष अभियुक्तगण के विरुद्ध पत्रावली माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।

अपराधी को सजा दिलाये जाने हेतु ऑपरेशन_कन्विक्शन चलाया जा रहा है। उक्त अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्चाधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं, इसी क्रम में थाना राजपुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन व मॉनिटरिंग सेल द्वारा सतत् एंव प्रभावी पैरवी करते हुए सही तथ्यों पर गवाहान की गवाही माननीय न्यायालय के समक्ष करायी गयी ।

न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय
माननीय न्यायालय जेएम भोगनीपुर , जनपद कानपुर देहात द्वारा दिनांक 20.02.2026 को अभियुक्त देवीप्रसाद पुत्र सीताराम निवासी खरका थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर दोष सिद्ध करते हुए न्यायालय उठने तक की सजा व ₹ 700/- के अर्थदण्ड़ से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर 01 सप्ताह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। यह सजा समाज में कानून और शान्ति व्यवस्था व अपराधों में अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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