कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने बीएसए कानपुर देहात को सौंपा मांग पत्र, शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण की मांग
डिजिटल हाजिरी और ऑनलाइन रजिस्टरों की अनिवार्यता पर तुरंत रोक लगाने की पुरजोर मांग की गई।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक महत्वपूर्ण मांग पत्र सौंपकर शिक्षकों की लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है। प्रांतीय निर्देशों के क्रम में जिला अध्यक्ष अशोक सिंह राजावत, कोषाध्यक्ष राहत अली और महामंत्री राम कुमार कटियार के नेतृत्व में सौंपे गए इस पत्र में 13 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण नहीं हुआ तो शिक्षक आंदोलन को बाध्य होंगे।शिक्षक संघ द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष उठाए गए मुख्य मुद्दों में प्रेरणा ऐप पर डिजिटल हाजिरी और 12 ऑनलाइन रजिस्टरों की अनिवार्यता रहा जिसका उन्होंने कड़ा विरोध करते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
संगठन का कहना है कि जब तक महानिदेशक स्कूल शिक्षा के साथ बनी 23 सूत्रीय सहमतियों को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया जाता तब तक ऑनलाइन व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। मामूली कारणों से रोके गए वेतन की तत्काल बहाली और एरियर भुगतान के आदेश जारी करने की मांग की गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शिक्षक के खाते में आकस्मिक अवकाश शेष है तो बिना किसी जांच के एकतरफा वेतन काटने की दंडात्मक कार्यवाही पूरी तरह गलत है। जिन शिक्षकों की चयन वेतनमान की समयावधि पूरी हो चुकी है उनके मामलों का ऑनलाइन सामूहिक निस्तारण कर विभागीय लेटलतीफी को खत्म किया जाए।
आगामी समय में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की सूची छह माह पहले तैयार की जाए ताकि अंतिम तिथि को ही उनके पेंशन और ग्रेच्युटी आदि देयकों का भुगतान सुनिश्चित हो सके। शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अतिरिक्त अन्य सभी गैर-शैक्षणिक ड्यूटियों से पूरी तरह मुक्त रखा जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। महिला शिक्षिकाओं को नियमानुसार बाल्यकाल देखभाल अवकाश (सीसीएल) और मातृत्व अवकाश बिना किसी प्रशासनिक उत्पीड़न या बाधा के स्वीकृत किया जाए। परिषदीय विद्यालयों में सफाई कर्मियों का रोस्टर तय कर सप्ताह में न्यूनतम दो दिन अनिवार्य सफाई कराई जाए। ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद ही सफाई कर्मियों का वेतन निर्गत हो।
बिना किसी पूर्व नोटिस के मनमाने ढंग से बंद किए गए दिव्यांग शिक्षकों के भत्ते को तत्काल बहाल कर अन्य जनपदों की भांति लागू किया जाए। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मांग पत्र की प्रतियां महानिदेशक स्कूल शिक्षा, सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) कानपुर मंडल और प्रांतीय नेतृत्व को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई हैं। शिक्षकों ने साफ किया है कि वर्तमान डिजिटल और प्रशासनिक दबाव के कारण शिक्षकों में भारी असंतोष है जिसका समाधान केवल वार्ता और न्यायसंगत फैसलों से ही संभव है।
मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि शिक्षक संघ द्वारा सौंपे गए मांग पत्र को संज्ञान में लिया गया है। विभाग हमेशा से शिक्षकों की जायज मांगों और व्यक्तिगत समस्याओं के त्वरित निस्तारण के प्रति संवेदनशील रहा है। ऑनलाइन उपस्थिति (डिजिटल अटेंडेंस) और प्रेरणा ऐप पर रजिस्टरों को अपडेट करने का विषय शासन स्तर से तय दिशा-निर्देशों के अधीन है, जिसका अनुपालन सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है हालांकि तकनीकी या व्यावहारिक स्तर पर आ रही स्थानीय समस्याओं की समीक्षा कराई जाएगी।
चयन वेतनमान, एरियर भुगतान, बाल्यकाल देखभाल अवकाश और दिव्यांग भत्ते जैसी विभागीय प्रक्रियाओं का नियमानुसार पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया जा रहा है। यदि किसी स्तर पर लेटलतीफी या विसंगति की शिकायत है तो पत्रावलियों की जांच कराकर प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता और अनुशासन प्रभावित न हो यह विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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