कानपुर देहात: संविलियन उच्च प्राथमिक विद्यालय लौवा संदलपुर में ‘विकसित भारत’ विजन पर बच्चों का ध्यान
प्रधानाध्यापक राजेश कुमार और शिक्षक धर्मपाल की पहल: लाइव प्रसारण, शैक्षिक नवाचार और इको क्लब गतिविधियाँ।
कानपुर देहात। संविलियन उच्च प्राथमिक विद्यालय लौवा संदलपुर शैक्षिक वातावरण को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। हाल ही में, विद्यालय में ‘विकसित भारत अभियान’ के तहत प्रधानाध्यापक राजेश कुमार द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उन्होंने ऑडियो-वीडियो सिस्टम का उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के विजन का विद्यार्थियों को लाइव प्रसारण दिखाया। इस दौरान बच्चों को कई सरकारी योजनाओं और शैक्षिक वातावरण को मज़बूत करने वाली गतिविधियों से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने बड़ी ध्यानपूर्वक इन प्रसारणों को देखा और प्रदेश को विकसित करने वाले उत्पादन और योजनाओं को समझा तथा उनका अनुसरण करने का संकल्प लिया।
प्रधानाध्यापक राजेश कुमार समय-समय पर शासन द्वारा प्राप्त निर्देशों का तत्परता से अनुपालन करते हैं। विद्यालय के विज्ञान शिक्षक धर्मपाल द्वारा भी शैक्षिक नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। वे प्रतिदिन इको क्लब, संचारी रोग जागरूकता और विज्ञान की गतिविधियों को मोबाइल और परिवेश का उपयोग करते हुए छात्रों के सामने प्रस्तुत करते हैं। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए साप्ताहिक प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं। खेलकूद, स्काउट और प्रार्थना सभा में भी छात्रों को सामान्य ज्ञान की महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी जाती हैं।
आज, प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को श्रेष्ठा परीक्षा (SHRESHTA) के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जो मेधावी अनुसूचित जाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान करने की केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके अतिरिक्त, विज्ञान शिक्षक धर्मपाल और प्रधानाध्यापक राजेश कुमार संयुक्त रूप से इको क्लब की मासिक गतिविधियों के तहत कचरा प्रबंधन पर काम कर रहे हैं। हालांकि, विभागीय अनुमति प्राप्त न हो पाने के कारण कई योजनाएँ अधूरी रह जाती हैं, जैसे बच्चों को साइंस सिटी लखनऊ ले जाने की तैयारी भी अनुमति के अभाव में लंबित है।
विद्यालय में इको क्लब, बाल संसद और स्वच्छता समिति जैसी संस्थाएँ पूरी तरह से क्रियाशील हैं। विद्यालय के उत्कृष्ट भौतिक परिवेश और शैक्षिक गतिविधियों को देखकर कई औचक निरीक्षण करने वाले अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक राजेश कुमार की प्रशंसा की है। प्रधानाध्यापक राजेश कुमार का कहना है कि वे विद्यालय और बच्चों के हित में जितना कार्य कर सकते हैं, करने का प्रयास करते हैं, लेकिन अभिभावकों का पूर्ण सहयोग नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि अभिभावक संपर्क लगातार किया जाता है, पर कई अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई के प्रति पर्याप्त ध्यान नहीं देते हैं।
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