कानपुर देहात: मजदूरों के हक में उतरे कमिश्नर और डीआईजी फैक्ट्री मालिकों की बढ़ी मुश्किलें
न्यूनतम वेतन पर मण्डलायुक्त की दो टूक लापरवाही पर होगी जेल

कानपुर देहात के जिलाधिकारी सभागार में गुरुवार को मण्डलायुक्त विजयेन्द्र पांडियन और डीआईजी हरीश चन्दर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों को देखते हुए कानून व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों के बीच समन्वय स्थापित करना था। गोष्ठी में जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय समेत प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों ने फैक्ट्री मालिकों और प्रबंधकों के साथ सीधा संवाद किया।
मण्डलायुक्त ने सभी फैक्ट्री प्रबंधकों को स्पष्ट हिदायत दी कि वे श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नियमानुसार और निर्धारित समय पर वेतन का भुगतान किया जाए साथ ही उनकी सेवा संबंधी अन्य समस्याओं का भी तुरंत समाधान निकाला जाए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने साझा रूप से कहा कि औद्योगिक शांति बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
बैठक में मौजूद पुलिस उपमहानिरीक्षक हरीश चन्दर ने जोर दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों में शांतिपूर्ण वातावरण के लिए फैक्ट्री प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद होना चाहिए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि श्रम कानूनों के उल्लंघन की कोई शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित फैक्ट्री के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों ने भी औद्योगिक इकाइयों के सुचारू संचालन के लिए जरूरी सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन और क्षेत्राधिकारी अकबरपुर सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति और प्रबंधक मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में औद्योगिक विकास के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों और उनके कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के गतिरोध की स्थिति पैदा न हो।
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