कानपुर देहात: त्योहारों के मद्देनजर जिला प्रशासन सख्त, शांति व्यवस्था के लिए निषेधाज्ञा जारी
आगामी त्योहारों और महत्वपूर्ण अवसरों—ईद-उल-फितर (31 मार्च), रामनवमी (8 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल), डॉ. भीमराव अंबेडकर जन्मदिवस (14 अप्रैल), और गुड फ्राइडे (18 अप्रैल)—को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट आलोक सिंह के निर्देश पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) अमित कुमार ने जनपद में लोक व्यवस्था, शांति, और जन सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 25 मार्च से 19 अप्रैल 2025 तक प्रभावी रहेगा।

- 31 मार्च से 19 अप्रैल तक लागू रहेंगे कड़े नियम, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
- त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का फैसला
कानपुर देहात: आगामी त्योहारों और महत्वपूर्ण अवसरों—ईद-उल-फितर (31 मार्च), रामनवमी (8 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल), डॉ. भीमराव अंबेडकर जन्मदिवस (14 अप्रैल), और गुड फ्राइडे (18 अप्रैल)—को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट आलोक सिंह के निर्देश पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) अमित कुमार ने जनपद में लोक व्यवस्था, शांति, और जन सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 25 मार्च से 19 अप्रैल 2025 तक प्रभावी रहेगा।
सख्त नियमों का ऐलान
एडीएम ने स्पष्ट किया कि जनपद में कोई भी व्यक्ति, संगठन या संस्था साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कार्य नहीं करेगा। बिना अनुमति ड्रोन कैमरे का प्रयोग, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ, या धारदार हथियारों का प्रदर्शन और सार्वजनिक स्थानों पर विधि-विरुद्ध गतिविधियों में शामिल होना प्रतिबंधित होगा। तेजाब, कंकड़-पत्थर, या ऐसी सामग्री का संग्रह भी वर्जित है, जो शांति भंग कर सकती हो।
सभाओं और जुलूसों पर नियंत्रण
बिना पूर्व अनुमति के कोई सभा, जुलूस, या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। अनुमति प्राप्त आयोजनों में भड़काऊ भाषण, पुतला दहन, या मार्ग परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) का प्रयोग बिना अनुमति प्रतिबंधित रहेगा और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इनका उपयोग पूरी तरह वर्जित होगा।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर नकेल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर किसी धर्म, सम्प्रदाय, या महापुरुष के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी और अफवाह फैलाना प्रतिबंधित रहेगा। बिना अनुमति मूर्ति स्थापना, वाहनों पर निर्धारित से अधिक सवारी, और मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
पारंपरिक आयोजनों को छूट, परीक्षा केंद्रों पर सख्ती
पारंपरिक त्योहार, विवाह, शव यात्राएं, और शासकीय कार्यक्रमों को प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग और मोबाइल फोन जैसे उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नकल या परीक्षार्थियों को बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान
जिलाधिकारी ने कहा कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा-208 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आपत्ति होने पर संबंधित व्यक्ति उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन कर सकता है, जिस पर सुनवाई के बाद निर्णय लिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें ताकि त्योहारों का उत्सव सुचारु रूप से संपन्न हो सके।



